सीकर के सीहोट बाड़ी विद्यालय का ऐतिहासिक प्रदर्शन: 10वीं में 95.33%, 12वीं में 91.40% – स्टाफ की कमी के बावजूद चमके सितारे!
सीहोट बाड़ी, सीकर, 29 मई 2025: सीकर जिले के सीहोट बाड़ी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ने इस वर्ष के बोर्ड परिणामों में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है

JHVP BHARAT NEWS/ राजस्थान/सीकर
REPORTED BY: BHANI RAM
EDITED BY : परवेज़ भारतीय
सीकर के सीहोट बाड़ी विद्यालय का ऐतिहासिक प्रदर्शन: 10वीं में 95.33%, 12वीं में 91.40% – स्टाफ की कमी के बावजूद चमके सितारे

सीहोट बाड़ी, सीकर, 29 मई 2025: सीकर जिले के सीहोट बाड़ी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ने इस वर्ष के बोर्ड परिणामों में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। कक्षा 12वीं के शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ, विद्यालय ने **कक्षा 10वीं में भी 95.33% का उत्कृष्ट परिणाम** दिया है। यह अविश्वसनीय उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि विद्यालय को शिक्षकों, विशेषकर विषय अध्यापकों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा था। छात्रों की असाधारण लगन, प्राचार्या रश्मि दाधीच के दूरदर्शी नेतृत्व, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों और **भारतीय वायुसेना के एक सेवानिवृत्त विंग कमांडर** के सराहनीय योगदान ने इस सफलता की कहानी लिखी है।

कक्षा 10वीं और 12वीं का शानदार प्रदर्शन
विद्यालय की छात्रा **निकिता जांगिड़ ने कक्षा 10वीं में 95.33% अंक प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान** हासिल किया है। यह दर्शाता है कि बुनियादी स्तर पर भी छात्रों को कितनी बेहतरीन शिक्षा मिली है।

वहीं, कक्षा 12वीं में भी उत्कृष्ट परिणाम आए हैं:
कला संकाय (Arts Faculty) में एक छात्रा ने 91.40% अंक प्राप्त कर टॉप किया।
वाणिज्य संकाय (Commerce Faculty) में भी टॉपर विद्यार्थी ने 85% अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
यह परिणाम सिद्ध करता है कि दृढ़ संकल्प, प्रभावी मार्गदर्शन और चुनौतियों का सामना करने की इच्छाशक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
शिक्षकों की कमी से जूझता विद्यालय, प्राचार्या का संघर्ष और अनोखा सहयोग
विद्यालय की प्राचार्या *रश्मि दाधीच* ने इन परिणामों को “चुनौतियों के बीच मिली बड़ी जीत” बताया। उन्होंने जानकारी दी कि कला संकाय में **इतिहास, हिंदी साहित्य और अंग्रेजी** जैसे महत्वपूर्ण विषयों सहित तीन विषय अध्यापकों के पद लंबे समय से रिक्त थे। इसी तरह, वाणिज्य संकाय में भी तीन विषयों के अध्यापक उपलब्ध नहीं थे। प्राचार्या ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय में कई अन्य विषय अध्यापकों के पद रिक्त हैं, और कुछ भरे हुए पदों पर शिक्षकों का डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) होने से स्टाफ की कमी की समस्या और भी गंभीर हो गई है।
प्राचार्या दाधीच ने इस विकट स्थिति में भी हार नहीं मानी। उन्होंने बताया, “हमने बच्चों को **ऑनलाइन शिक्षा** के लिए प्रेरित किया और विद्यालय में नियमित रूप से **ऑनलाइन कक्षाएं** लगाईं। मैंने खुद भी बच्चों का लगातार मार्गदर्शन किया और कई विषयों की कक्षाएं तो मैंने स्वयं भी लीं।” उन्होंने भावुक होकर कहा कि इस दौरान **भारतीय वायुसेना के एक सेवानिवृत्त विंग कमांडर** का सहयोग अमूल्य रहा, जिन्होंने स्वेच्छा से बच्चों को पढ़ाया और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में मदद की। विद्यार्थियों ने भी इस चुनौती को स्वीकार किया और ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करके पूरी मेहनत और लगन से परीक्षा की तैयारी की, जिससे वे संतुष्ट और प्रेरित रहे।
सरकार से अपील: रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीहोट बाड़ी के इस शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की गंभीर कमी की ओर सरकार का ध्यान खींचा है। स्थानीय समुदाय और विद्यालय प्रबंधन की ओर से सरकार से पुरजोर अपील की गई है कि सीहोट बाड़ी सहित प्रदेश के अन्य विद्यालयों में भी रिक्त पड़े विषय अध्यापकों के पदों को शीघ्र भरा जाए। इससे न केवल छात्रों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल पाएगी, बल्कि प्राचार्यों और शिक्षकों पर पड़ने वाला अतिरिक्त कार्यभार भी कम होगा।
सीहोट बाड़ी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का यह परिणाम एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह दर्शाता है कि सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के बावजूद भी, एक समर्पित नेतृत्व, अभिनव शिक्षण पद्धतियों और समुदाय के सहयोग से छात्रों को अकादमिक और व्यक्तिगत रूप से सशक्त किया जा सकता है। प्राचार्या रश्मि दाधीच और उनकी टीम के दूरदर्शी प्रयासों की चारों ओर व्यापक रूप से सराहना हो रही है।




