मोदी ने बहुत संयम बरता: पहलगाम हमले पर पूर्व अमेरिकी NSA भारत के स्टैंड के साथ, बताया कब और कैसे करे हमला
पहलगाम हमले पर पूर्व अमेरिकी NSA भारत के स्टैंड के साथ

JHVP BHARAT NEWS/ DELHI
नई दिल्ली: पहलगाम हमले के बाद दुनिया को यह समझने में देर नहीं लगी कि इसके पीछे PAKISATAN का हाथ है। क्योंकि,पाकिस्तान को छोड़कर शायद ही किसी मुल्क ने इस तथ्य के प्रति कोई आशंका जताई। भारत ने 26 बेगुनाहों को न्याय दिलाने के लिए आतंकवादियों और उनके आकाओं को सख्त सजा देने का संकल्प लेने में जरा भी देर नहीं की। भारत के इस निर्णय पर रूस और जापान जैसे कई मित्र देशों ने खुलकर हमारे रुख का समर्थन किया। लेकिन, अमेरिका का रवैया फिर से एक बार इस मसले पर ढुलमुल रहा है। लेकिन, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने साफ तौर पर कहा है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र ने इस मामले में अबतक बहुत संयम बरता है, जबकि भारत को आत्मरक्षा का पूर्ण अधिकार है। अमेरिका के पूर्व अधिकारी ने दुनिया को ऐसे समय में आईना दिखाया है, जब आरोपी राष्ट्र पाकिस्तान के कहने पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक बुलाई गई और इस मीटिंग से पहले संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक बार फिर रटा-रटाया ‘अधिकतम संयम’ बरतें वाला ज्ञान देने की कोशिश की।
आतंक समर्थक देश के कहने पर UNSC की बैठक
चीन और उसके मित्र देश PAKISTAN की वजह से संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था की विश्वसनीयता पर जितना बट्टा लगा है, शायद ही किसी अंतरराष्ट्रीय मंच की कभी ऐसी स्थिति बनी हो। पांच साल पहले संयुक्त राष्ट्र पर चीन के प्रभाव का खामियाजा पूरी दुनिया भुगत चुकी है और लाखों लोग कोविड महामारी में अपनी जान गंवा चुके हैं। कोविड के दौरान पड़ी आर्थिक मार से तो अभी तक कई देश उबर नहीं पाए हैं। अब पहलगाम हमले में पाकिस्तान जैसे आरोपी राष्ट्र की शिकायत पर आनन-फानन में UNSC की बैठक बुलाई जाती है, जो इसके 15 सदस्य देशों को यह बताना चाहता था कि पहलगाम के बाद भारत का बर्ताव ‘आक्रामक’ हो रहा है। जबकि, नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर तोड़कर गोलीबारी हो रही है। सुरक्षा परिषद की बैठक से ठीक पहले UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से शांत रहने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने, बातचीत से हल निकलने जैसा जाने कितनी बार कही जा चुकी बात दोहराई और बोले कि ‘(दोनों देश) अधिकतम संयम बरतें और खतरे से पीछे हटें।’ लेकिन, किसी ने पाकिस्तान से ये नहीं कहा कि आतंकियों को संरक्षण तुम देते हो, उसपर लगाम तुम्हें लगाना है, अन्यथा भारत ने सजा दी तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे.
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