दृष्टिहीनों के जीवन में ज्ञान की रोशनी: जोधपुर के राजकीय अंध विद्यालय के शिक्षक रच रहे अनूठा इतिहास, हर साल 100% बोर्ड परिणाम का अद्भुत जादू!
इस अविश्वसनीय सफलता के पीछे उन शिक्षकों की अटूट लगन और नवाचारी शिक्षण पद्धतियाँ हैं, जो इन बच्चों के भविष्य को रोशन कर रहे हैं

JHVP BHARAT NEWS/राजस्थान/जोधपुर
रिपोर्टर: भनी राम सीकर से.
EDITED BY: परवेज़ भारतीय
दृष्टिहीनों के जीवन में ज्ञान की रोशनी: जोधपुर के राजकीय अंध विद्यालय के शिक्षक रच रहे अनूठा इतिहास, हर साल 100% बोर्ड परिणाम का अद्भुत जादू!

- जोधपुर, 31 मई 2025:
- एक ऐसी कहानी जो दिखाती है कि अगर हौसले बुलंद हों और समर्पण अटूट, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। जोधपुर का **राजकीय अंध विद्यालय** शिक्षा के क्षेत्र में चमत्कार कर रहा है। यह विद्यालय लगातार कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में **शत प्रतिशत परिणाम** देकर न केवल अपनी असाधारण शिक्षण पद्धति को साबित कर रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि सीमित संसाधनों के बावजूद कैसे उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। यहाँ के शिक्षक, नेत्रहीन बच्चों को ऐसी शिक्षा देते हैं कि वे हर चुनौती को पार कर सफलता की नई कहानियाँ लिखते हैं – यह सिर्फ परीक्षा पास करने की बात नहीं, बल्कि जीवन को संवारने की अनमोल गाथा है।

अंधेरे को ज्ञान की रोशनी से चीरते असाधारण शिक्षकों की अनूठी गाथा
इस अविश्वसनीय सफलता के पीछे उन शिक्षकों की अटूट लगन और नवाचारी शिक्षण पद्धतियाँ हैं, जो इन बच्चों के भविष्य को रोशन कर रहे हैं। इन शिक्षकों की सबसे खास बात यह है कि ये छात्रों को छात्रावास में रहकर भी पढ़ाई जारी रखने के लिए **ऑडियो रिकॉर्डिंग** के रूप में नोट्स और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराते हैं, जिससे बच्चे अपनी सुविधानुसार बार-बार सुनकर रिवीजन कर सकें:

गणित में कपिल अरोड़ा का कमाल और ऑडियो नोट्स की शक्ति:** गणित जैसे विषय को अक्सर छात्रों के लिए मुश्किल माना जाता है, लेकिन **श्री कपिल अरोड़ा** की बदौलत राजकीय अंध विद्यालय में गणित का परिणाम हर साल 100% रहता है। वह छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाते हैं और उन्हें **गणित के विशेष ऑडियो नोट्स** भी प्रदान करते हैं, ताकि वे छात्रावास में रहकर भी बार-बार अभ्यास कर सकें।

हिंदी में रेखा मोयल की महारत और मॉडल पेपर्स की तैयारी:*वरिष्ठ अध्यापिका *श्रीमती रेखा मोयल* अनिवार्य हिंदी को बेहद सरल और प्रभावी तरीके से पढ़ाती हैं। वह छात्रों को अतिरिक्त कक्षाएं देकर और *मॉडल पेपर*हल करवाकर बोर्ड परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार करती हैं, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास बुलंद रहता है।

अंग्रेजी में कविता राजपुरोहित का डिजिटल स्पर्श और यूट्यूब चैनल:** अंग्रेजी विषय की शिक्षिका **श्रीमती कविता राजपुरोहित** पहले ऑफलाइन पढ़ाती हैं। इसके बाद, वह अपने **खुद के यूट्यूब चैनल** पर वीडियो तैयार करके छात्रों को विषय समझने में मदद करती हैं, जिससे वे अपनी सुविधानुसार कभी भी, कहीं भी सीख सकें।

सामाजिक विज्ञान में विक्रम सिंह शेखावत का योगदान और ऑडियो रिकॉर्डिंग का सहारा:** सामाजिक विज्ञान के अध्ययन को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए **श्री विक्रम सिंह शेखावत** छात्रों को गहनता से पढ़ाते हैं। वे **प्रश्न बैंक** हल करवाते हैं और उनकी **ऑडियो रिकॉर्डिंग** भी उपलब्ध कराते हैं, जिससे छात्र छात्रावास में रहकर भी बार-बार रिवीजन कर सकें।
हिंदी साहित्य में रेखा व्यास की गहन व्याख्या और सतत रिवीजन:** हिंदी साहित्य जैसे महत्वपूर्ण और गूढ़ विषय की **व्याख्याता श्रीमती रेखा व्यास** मैडम इसे बेहद प्रभावशाली ढंग से पढ़ाती हैं। वे छात्रों को साहित्य की गहराई से परिचित कराने के साथ-साथ **बार-बार रिवीजन** करवाती हैं और **प्रश्न बैंक** भी हल करवाती हैं, जिससे छात्र हर पहलू को ठीक से समझ सकें और परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।
संगीत में रामचंद्र करेला की प्रेरणादायी धुन:** विद्यालय में संगीत की शिक्षा **श्री रामचंद्र करेला** देते हैं। सबसे खास बात यह है कि श्री करेला स्वयं नेत्रहीन हैं, जो छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनते हैं। उनकी संगीत शिक्षा छात्रों के जीवन में आनंद और रचनात्मकता भरती है।
राजनीतिक विज्ञान में राजा शर्मा का स्वर्णिम अध्याय:** राजनीतिक विज्ञान का परिणाम भी हर वर्ष 100% रहता था, जिसका श्रेय **श्री राजा शर्मा** को जाता है। स्वयं नेत्रहीन होने के बावजूद, उन्होंने इस विषय में हमेशा शत प्रतिशत परिणाम दिए। छात्रों के प्रति उनके समर्पण और उत्कृष्ट परिणाम ही था कि वे विद्यालय से उप-प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नत हुए और **हाल ही में प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति होकर** अब अन्यत्र सेवाएं दे रहे हैं।
यह सिर्फ एक विद्यालय नहीं, एक उम्मीद है
जोधपुर का यह राजकीय अंध विद्यालय उन सभी संस्थानों और शिक्षाविदों के लिए एक प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। यहाँ के शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं कराते, बल्कि इन बच्चों को आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करते हैं। यह विद्यालय सिर्फ एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है जहाँ हर शिक्षक अपने छात्रों के भविष्य को गढ़ने में अपनी पूरी आत्मा लगा देता है।
यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादे नेक हों और समर्पण अटूट, तो किसी भी परिस्थिति में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, और जीवन को रौशन किया जा सकता है।
सधन्यवाद भनी राम जी की विशेष रिपोर्ट।




