
रक्षाबंधन_2024 जानिये शुभ मुहूर्त राखी बाँधने का सुबह 5:22 से दोपहर 1:33 तक भद्रा काल है इसमें न बांधे राखी 🌹दोपहर 1:33 के बाद ही मनाये त्यौहार

🪷क्यों है असमंजस की स्थिति?
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परंपरा से श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है राखी का पर्व।
पूर्णिमा का संपूर्ण काल 19 अगस्त को सुबह 03:05 से शुरू होकर रात्रि 11:55 तक रहेगी वही भद्रा काल सुबह 05:22 से शुरू होकर दोपहर 01:33 तक रहेगा उसके बाद यह त्यौहार मनाया जाएगा
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19 अगस्त सोमवार पूर्णिमा के दिन इस बार दोपहर 01:33 तक भद्रा काल रहेगा।
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भद्रा का निवास जब धरती पर रहता है तो कोई शुभ कार्य नहीं किए जा सकते हैं।
🩸⚜इस बार भद्रा का निवास धरती पर ही है।
🩸🪷कुछ विद्वानों का मानना है कि देर रात्रि में शुभ कार्य किया जाना उचित नहीं है

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19 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त :-
#राखी_बांधने_का_शुभ_मुहूर्त इस दिन दोपहर 1 बजकर 33 मिनट से शुरू होगा इसके बाद लेकिन सूर्यअस्त होने के बाद बनेगी*
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🩸इस दिन सुबह सुकर्मा योग रहेगा।
🩸🪷इन मुहूर्त में भी बांधी जा सकती है राखी-
19 अगस्त सोमवार को सुबह 5 बजकर 52 से भद्रा काल शुरू होगा और दोपहर 1 बजकर 31तक भद्रा का साया रहेगा अतः राखी 01:33 दोपहर के बाद बांधी जा सकेगी यानि रक्षा बंधन का त्यौहार शुरू हो जायेगा

🔱🩸आपको बता दें कि सूर्य की बेटी और न्याय के देवता शनिदेव की बहन का नाम भद्रा है, जो कि अपने भाई की ही तरह क्रोधी माना जाता है। उन्हें काल के एक अंश का वरदान मिला हुआ है, उन्हें गलत चीज बर्दाश्त नही होती है इसलिए उनके क्रोध से बचने के लिए लोग भद्रा काल में कोई भी काम नहीं करते हैं।

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सूपनखा मे अपने भाई रावण को भद्रा में राखी बांधी थी
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दंतकथाओं की माने तो ऐसा माना जाता है कि भद्राकाल में ही सूपनखा मे अपने भाई रावण को भद्रा में राखी बांधी थी, जिसके कारण रावण का विनाश हो गया था, इस कारण लोग भद्राकाल में राखी बांधने से मना करते हैं। तो वहीं ये भी कहा जाता है कि इस काल में शिव गुस्से में तांडव करते हैं, कोई उनके गुस्से का शिकार ना हों इसलिए लोग इस काल में शुभ काम करने से बचते हैं।

संदीप छीपा दौसा राजस्थान के साथ परवेज़ आलम

