बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव! नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की तैयारी
नीतीश कुमार की उम्र 75 वर्ष पार हो चुकी है और उनकी सेहत को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। पार्टी के अंदर उत्तराधिकार की योजना और केंद्र में बड़ी भूमिका की संभावना इस फैसले का आधार बनी हुई है।

JHVP BHARAT NEWS / BIHAR POLITICS
EDITED BY : PARWEZ BHARATIYA
Bihar Politics: बिहार की सियासत में हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की गंभीर तैयारी चल रही है, जिससे राज्य में मुख्यमंत्री पद पर बड़ा उलटफेर हो सकता है। यह कदम 2026 के राज्यसभा चुनावों से जुड़ा है और जेडीयू-बीजेपी गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व में इस पर गहन मंथन हो रहा है। अगर नीतीश कुमार दिल्ली की ओर रुख करते हैं, तो बिहार की कमान संभालने का दावा बीजेपी मजबूती से पेश कर सकती है, क्योंकि गठबंधन में बीजेपी सबसे बड़ा दल है।
राज्यसभा जाने के पीछे के कारण क्या हैं?
नीतीश कुमार की उम्र 75 वर्ष पार हो चुकी है और उनकी सेहत को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। पार्टी के अंदर उत्तराधिकार की योजना और केंद्र में बड़ी भूमिका की संभावना इस फैसले का आधार बनी हुई है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि नीतीश अब बिहार की सक्रिय राजनीति से थोड़ा पीछे हटकर राष्ट्रीय स्तर पर योगदान देना चाहते हैं। राज्यसभा सदस्य बनने से वे केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जबकि राज्य में नई पीढ़ी को मौका मिलेगा। हालांकि, यह पूरी तरह अनुमानित है और कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
नए मुख्यमंत्री का दावा बीजेपी पर?
अगर नीतीश राज्यसभा चले जाते हैं, तो मुख्यमंत्री पद खाली होने पर बीजेपी का दावा सबसे मजबूत होगा। गठबंधन में संख्या बल के आधार पर बीजेपी मुख्यमंत्री बना सकती है। फिलहाल कोई विशिष्ट नाम सामने नहीं आया है, लेकिन यह बदलाव NDA की लंबी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जेडीयू के अंदर भी इस पर विचार-विमर्श जारी है और पार्टी नेतृत्व भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार दिख रहा है।
निशांत कुमार की एंट्री और उत्तराधिकार की चर्चा
इस बीच, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की खबरें जोरों पर हैं। जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने कहा है कि निशांत जल्द सक्रिय राजनीति में आएंगे और यह पार्टी कार्यकर्ताओं की पुरानी मांग पूरी करेगा। कई सूत्रों के अनुसार, निशांत को राज्यसभा भेजा जा सकता है, जहां वे जेडीयू से एक सीट पर उम्मीदवार बन सकते हैं। हालांकि, नीतीश कुमार परिवारवाद से दूर रहने के लिए जाने जाते हैं, इसलिए अंतिम फैसला उनका ही होगा। कुछ रिपोर्ट्स में निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाने की भी अटकलें हैं, लेकिन मुख्य फोकस राज्यसभा पर है।
गठबंधन में क्या बदलाव?
बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, जिसमें बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार शामिल हैं। जेडीयू दो सीटों पर मजबूत स्थिति में है, जिसमें रामनाथ ठाकुर को दोबारा भेजा जा सकता है। NDA कुल 5 सीटों पर कब्जा जमाने की कोशिश में है। विपक्षी महागठबंधन, खासकर RJD, के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि संख्या गेम में NDA मजबूत दिख रहा है।
Please be relax on the death of Irani President … no more wrong movement . RIP
#WATCH | Leh, Ladakh: Shia Muslims take to the streets to protest against the killing of Iran's Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei, who has been killed in Israeli and US strikes pic.twitter.com/Zc4WNaOnUB
— ANI (@ANI) March 1, 2026



