बिहार अपडेट्स : बीजेपी-जेडीयू की बढ़ी धड़कनें! तेजस्वी यादव ने कुबूल किया एआईएमआईएम का इफ्तार न्योता, बोले—’हम चुनाव भी जीतेंगे’
अब जानिए :बिहार की सियासत में आज की सबसे बड़ी हलचल राजद (RJD) और AIMIM के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर रही। पटना के '1 पोलो रोड' स्थित तेजस्वी यादव के आवास पर हुई मुलाकात के बाद खुद नेता प्रतिपक्ष ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की।

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EDITED BY: परवेज़ आलम भारतीय
अपना बिहार का पटना – एआईएमआईएम नेताओं के साथ घंटों चली गुप्त बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने चुप्पी तोड़ी है। तेजस्वी ने बताया कि मुलाकात सकारात्मक रही और उन्हें 15 तारीख को इफ्तार का न्योता मिला है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा—न्योता स्वीकार है और हम चुनाव भी जीतेंगे।

“मुलाकात भी हुई और बात भी”
तेजस्वी यादव ने अपनी कार से निकलते समय मीडिया के कैमरों के सामने स्वीकार किया कि एआईएमआईएम के नेताओं के साथ उनकी विस्तार से चर्चा हुई है। हालांकि उन्होंने बातचीत के मुख्य एजेंडे को ‘पॉलिटिकल’ बताया, लेकिन यह साफ कर दिया कि दोनों पक्षों के बीच संवाद का रास्ता अब खुल चुका है।

15 तारीख को ‘इफ्तार’ पर साथ दिखेंगे विरोधी?
तेजस्वी ने खुलासा किया कि एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और अन्य नेताओं ने उन्हें 15 तारीख को आयोजित इफ्तार पार्टी का निमंत्रण दिया है। तेजस्वी ने न केवल इस न्योते को स्वीकार किया, बल्कि यह भी संकेत दिया कि वे इस कार्यक्रम में शामिल होकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश देंगे।

जीत का दावा और बदलते समीकरण
वीडियो में तेजस्वी काफी आत्मविश्वास में नजर आ रहे हैं। उन्होंने अंत में जोर देकर कहा—“हम चुनाव भी जीतेंगे”। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम के विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए यह इफ्तार पार्टी एक मजबूत मंच साबित हो सकती है।

राजनीतिक मायने: क्या है ‘नया बिहार’ समीकरण?
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मुस्लिम वोट बैंक की एकजुटता: अगर आरजेडी और एआईएमआईएम एक साथ आते हैं, तो बिहार में मुस्लिम वोट बैंक का बंटवारा रुक सकता है, जो सीधे तौर पर एनडीए (NDA) के लिए बड़ा खतरा होगा।

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राज्यसभा की बिसात: राज्यसभा चुनाव में हर एक वोट कीमती है। एआईएमआईएम का आरजेडी के करीब आना यह दर्शाता है कि विपक्ष अब एकजुट होकर ‘नंबर गेम’ खेलने की तैयारी में है।

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2018 की कड़वाहट खत्म? कभी एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे ये दोनों दल अब एक-दूसरे को ‘इफ्तार’ का न्योता दे रहे हैं, जो बिहार में ‘दुश्मन का दुश्मन दोस्त’ वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है।



