Holi 2025: इस बार होली पर रहेगा चंद्र ग्रहण का साया, जानिए फाग खेला जाएगा या नहीं?
होली और भारतीयता : वसुधैव कुटुंबकम

JHVP BHARAT NEWS /HAPPY HOLI
Edited by : परवेज़ भारतीय
Holi 2025: इस बार होली पर रहेगा चंद्र ग्रहण का साया, जानिए फाग खेला जाएगा या नहीं?

Chandra Grahan 2025: इस साल होली का त्योहार 14 मार्च (Holi 2025) को मनाया जाएगा, लेकिन इस दिन चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) भी लगने वाला है। लोगों के मन में सवाल है कि क्या ग्रहण के दौरान होली मनाना शुभ होगा? ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार, ग्रहण के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, लेकिन इस बार भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

हिंदू पंचांग (Hindu Panchang) के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10:35 बजे से शुरू होकर 14 मार्च को दोपहर 12:23 बजे तक रहेगी। ऐसे में होलिका दहन 13 मार्च की रात को और होली का त्योहार 14 मार्च को मनाया जाएगा।

चंद्र ग्रहण 14 मार्च को सुबह 9:28 बजे से शुरू होकर दोपहर 3:39 बजे तक रहेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए होली मनाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। लोग पूरे दिन रंग-गुलाल के साथ होली का आनंद ले सकेंगे।

ग्रहण का असर मुख्य रूप से अमेरिका (America), पश्चिम यूरोप (Western Europe), पश्चिम अफ्रीका (Western Africa) और अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) में दिखेगा। भारत में इसका कोई प्रभाव नहीं होगा।
इसलिए, होली के दिन चंद्र ग्रहण का कोई असर नहीं होगा और लोग बिना किसी चिंता के इस रंगों के त्योहार का पूरा आनंद ले सकेंगे।
होली एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जो रंग, प्यार और जीवन की जीत का प्रतीक है। यह त्योहार पूरे भारत में मनाया जाता है, और इसका ऐतिहासिक महत्व, मान्यता और रीति-रिवाज बहुत ही रोचक हैं।
ऐतिहासिक महत्व:
होली का उल्लेख प्राचीन हिंदू ग्रंथों में मिलता है, जैसे कि महाभारत और पुराणों में। यह त्योहार प्राचीन काल से ही मनाया जा रहा है, और इसका महत्व समय के साथ बढ़ता गया है।

मान्यता:
होली के पीछे कई मान्यताएं हैं। एक मान्यता के अनुसार, होली भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद की जीत का प्रतीक है। प्रहलाद के पिता हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को भगवान विष्णु की पूजा करने से रोकने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन प्रहलाद ने अपनी भक्ति नहीं छोड़ी। अंत में, भगवान विष्णु ने प्रहलाद की रक्षा की और हिरण्यकश्यप को मार डाला।
रीति-रिवाज:
होली के दिन लोग रंग, गुलाल और पानी के साथ खेलते हैं। यह त्योहार प्यार, दोस्ती और जीवन की जीत का प्रतीक है। होली के दिन लोग अपने दुश्मनों को भी माफ कर देते हैं और नए संबंधों की शुरुआत करते हैं।
होली के दिन लोग होलिका दहन भी करते हैं, जिसमें एक पुतले को जलाया जाता है। यह पुतला हिरण्यकश्यप का प्रतीक है, और इसका जलना प्रहलाद की जीत का प्रतीक है।
होली का त्योहार पूरे भारत में मनाया जाता है, और इसका महत्व समय के साथ बढ़ता गया है। यह त्योहार प्यार, दोस्ती और जीवन की जीत का प्रतीक है, और इसका ऐतिहासिक महत्व, मान्यता और रीति-रिवाज बहुत ही रोचक हैं।
होली की शुभकामनाएं!




