भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) प्रकाशित कर दी है। इसी के आधार पर राज्य में विधानसभा चुनाव होंगे। इसकी घोषणा 6 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकती है।
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) प्रकाशित कर दी है। इसी के आधार पर राज्य में विधानसभा चुनाव होंगे। इसकी घोषणा 6 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकती है।

JHVP BHARAT NEWS/BIHAR/ELECTION
EDITED BY : PARWEZ BHARATIYA

भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) प्रकाशित कर दी है। इसी के आधार पर राज्य में विधानसभा चुनाव होंगे। इसकी घोषणा 6 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकती है।
Bihar SIR: बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं. इसी बीच मतदाता सूची को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है. राज्य निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन के बाद भी जिन नागरिकों के नाम इसमें दर्ज नहीं हैं, वे अब भी अपना नाम शामिल करा सकते हैं.
इस प्रक्रिया के लिए उन्हें फॉर्म-6 भरकर अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के पास जमा करना होगा. यह प्रक्रिया पूरी तरह से सरल और पारदर्शी बनाई गई है. नागरिक चाहें तो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं.
क्या हैं चुनाव आयोग के नियम?
चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, यह आवेदन नामांकन की अंतिम तिथि से आठ दिन पहले तक स्वीकार किए जाएंगे. आवेदन जमा करने के बाद सात दिनों तक इसे नोटिस बोर्ड पर चिपकाकर सार्वजनिक किया जाएगा ताकि कोई आपत्ति दर्ज हो सके. यदि इस दौरान किसी प्रकार की आपत्ति सामने नहीं आती है तो निर्वाची पदाधिकारी आठवें दिन नाम शामिल करने की अनुमति प्रदान करते हैं. जिसके बाद वोटर वोटिंग कर सकता है.
तीन लाख मतदाताओं को भेजा जाएगा नोटिस
इसी क्रम में यह भी सामने आया है कि राज्य के करीब तीन लाख मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने के कारण नोटिस भेजा गया है. उनसे जवाब मांगा गया है कि वे तय समयसीमा में अपने दस्तावेज उपलब्ध कराएं, अन्यथा उनके नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे.
वोटर लिस्ट से किसका हटेगा नाम?
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची में SIR (Special Intensive Revision) के दौरान मृतक, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नाम स्वतः हटा दिए जाएंगे. इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से साफ और निष्पक्ष बनाना है, ताकि चुनाव की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.
लोगों का मानना है कि आयोग का यह कदम उन लोगों के लिए राहत है जिनका नाम किसी वजह से सूची में दर्ज नहीं हो पाया है. आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वाएं ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके.




