टीचरों को नीतीश सरकार का एक और तोहफा, वित्त रहित शिक्षकों के लिए समिति गठित, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों का होगा कायाकल्प
बिहार के वित्त अनुदानित एवं वित्त रहित शिक्षण संस्थानों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों में कार्यरत शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए वेतनमान समेत सभी विषयों के क्रियान्वयन हेतु विशेष समिति का गठन किया गया है।

JHVP BHARAT NEWS/PATNA/BIHAR /EDUCATION DEPARTMENT
ACURATED BY: PARWEZ BHARATIYA
बिहार सरकार ने वित्त रहित शिक्षकों और वित्त अनुदानित व वित्त रहित संस्थानों को बड़ी खुशखबरी दी है। राज्य के विभिन्न शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों के वेतन भुगतान से संबंधित मामलों की निगरानी और समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इसमें बिहार में वित्त रहित शिक्षकों को वेतनमान का लाभ देने से जुड़ा फैसला सबसे महत्वपूर्ण होगा।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह समिति मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में बनाई गई है। इसमें विकास आयुक्त, शिक्षा विभाग, वित्त विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, माध्यमिक शिक्षा और प्राथमिक शिक्षा निदेशक सदस्य होंगे।
समिति हर महीने बैठक करेगी और शिक्षण संस्थानों में सहायक अनुदान, वेतन/मानदेय का समय पर निर्धारण एवं भुगतान, संबंधित विसंगतियों का निराकरण और अन्य प्रशासनिक मुद्दों की समीक्षा करेगी। इतना ही नहीं संस्कृत विद्यालयों और मदरसों को भी इससे बड़ा लाभ होगा।
शिक्षा विभाग के सचिव ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यह समिति समय-समय पर समीक्षा और अनुशंसा करेगी, ताकि शिक्षकों एवं कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।




