बिहार में अगले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपना शक्ति विस्तार के लिए खेल दिया खेला
बिहार में बीजेपी मंत्रियों की बढ़ेगी संख्या और कद

JHVP BHARAT NEWS / बिहार पॉलिटिक्स
कुछ मंत्रियों के विभाग हटेंगे
बिहार में इस साल बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले हैं औऱ उससे पहले बीजेपी ने बड़ा कदम उठाया है. बीजेपी ने राज्य सरकार मे अपने सात नये मंत्रियों को शामिल किया है। इसमें बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार कैबिनेट का विस्तार हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के कोटे से 7 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। महाशिवरात्रि के दिन राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह हुआ। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विधायकों की मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसमें विधायक राजू कुमार सिंह राजू, विधायक संजय सरावगी, विधायक कृष्ण कुमार मंटू, विधायक मोती लाल प्रसाद, विधायक विजय कुमार मंडल, विधायक जीवेश कुमार, विधायक सुनील कुमार शामिल हैं। सात मंत्रियों के शामिल होने के साथ ही बीजेपी कोटे के पांच मंत्रियों के पर भी कतरे जा रहे हैं. मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बड़े पैमाने पर फेरबदल होने जा रहा है। जानकारी के अनुसार कुछ मंत्रियों में इससे बेचैनी भी है। दरअसल बिहार में कैबिनेट के विस्तार की चर्चा पिछले कई महीने से हो रही थी. नीतीश कुमार विस्तार के लिए तैयार भी थे लेकिन बीजेपी अपने कोटे के मंत्रियों के नाम तय नहीं कर पा रही थी. बीजेपी का नेतृत्व अलग-अलग राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव पर फोकस कर रहा था।
इसी महीने दिल्ली में विधानसभा चुनाव खत्म हुआ और उसके बाद बीजेपी आलाकमान का ध्यान बिहार पर गया, जहां इसी साल विधानसभा चुनाव होन वाले हैं.
जेडीयू अपना कोई विभाग नहीं छोड़ेगा
जानकारी के अनुसार मंगलवार को बिहार दौरे पर आये बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की तो मंत्रिमंडल विस्तार पर आखिरी मुहर लग गयी थी। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक जेपी नड्डा ने अपने कोटे से सात शऔऱ मंत्री बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया। जानकारी जो मिल रहा उसमें शर्त सिर्फ इतनी रखी गयी कि बीजेपी के नये मंत्रियों के लिए जेडीयू अपने हिस्से के विभाग को नहीं छोड़ेगा। बीजेपी अपने हिस्से के विभागों में ही नये मंत्रियों को एडजस्ट करेगा।
डिप्टी सीएम समेत बीजेपी के पांच मंत्रियों के पर कतरे जा सकेंगे
अब सवाल ये उठ रहा है कि बीजेपी अपने सात मंत्रियों को एडजस्ट कहां करेगी. उनके एडजस्टमेंट के लिए सरकार में पहले से शामिल मंत्रियों के विभागों में ही फेरबदल करना होगा. इसका मतलब ये है कि कई मौजूदा मंत्रियों के पर कतरे जायेंगे. एक साथ कई विभागों का काम देख रहे बीजेपी के सभी मंत्रियों को सिर्फ एक विभाग का ही काम देखना होगा।
ऐसे होगा मंत्रियों का एडजस्टमेंट
सरकार में मंत्री रहे डॉ दिलीप जायसवाल ने एक व्यक्ति-एक पद के फार्मूले के आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. लिहाजा उनके जिम्मे का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग खाली हो गया है।
इसके बाद नंबर है डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का। सिन्हा तीन विभागों का काम देख रहे हैं, जिसमें पथ निर्माण, खनन औऱ कला-संस्कृति विभाग शामिल हैं। उनसे दो विभाग ले लिये जायेंगे। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक विजय कुमार सिन्हा के पास पथ निर्माण रहेगा बाकी दोनों विभाग छीन जायेंगे।
बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडेय दो अहम विभागों के मंत्री हैं. वे स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ कृषि विभाग का भी काम देख रहे हैं. मंगल पांडेय से कृषि विभाग वापस ले लिया जा सकता हैं।. बीजेपी के एक औऱ मंत्री प्रेम कुमार के पास सहाकिरता के साथ साथ वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग है. प्रेम कुमार से वन, पर्यावरण विभाग वापस लिये जा सकते है। उसी तरह मंत्री नीतीश मिश्रा के पास उद्योग के साथ साथ पर्यटन विभाग की जिम्मेवारी है. हालांकि नीतीश मिश्रा ने दोनों विभागों में बेहतरीन काम किया है. लेकिन नये मंत्रियों के एडजस्टमेंट के लिए उनसे पर्यटन विभाग लिये जाने की खबर है। सरकार के एक औऱ मंत्री नितीन नवीन के पास नगर विकास विभाग के साथ साथ विधि विभाग की भी जिम्मेवारी है. अब उनसे विधि विभाग वापस लिया जा सकता हैं।
इसी फार्मूले के आधार पर सरकार में शामिल हुए 7 नये मंत्रियों को एडजस्ट करने कि तैयारी है। हालांकि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास भी वित्त के साथ साथ वाणिज्य कर विभाग है. लेकिन दोनों विभाग आपस में जुड़े हैं. लिहाजा सम्राट चौधरी के पास दोनों विभाग बने रहेंगे। ऐसा सूत्रों का कहना है।
EDITED BY : परवेज़ भारतीय



