
बता दें कि राज्य में दलितों की कुल आबादी लगभग 19 प्रतिशत है। श्याम रजक महादलित हैं। कभी इनकी गिनती लालू प्रसाद यादव के करीबियों में होती थी। साथ ही इनकी दलितों में अच्छी पैठ है। ऐसे में नीतीश कुमार ने श्याम रजक पर बड़ा दांव लगाया है। जदयू को यकीन है कि अगले साल विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका बड़ा फायदा मिलेगा।

इससे पहले आरजेडी के दिगग्ज नेता माने जाने वाले श्याम रजक ने लोकसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर रोष जताया था। लालू यादव पर परिवारवाद का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने एक पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ‘मैं शतरंज का शौकीन नहीं था, इसलिए धोखा खा गया। आप मोहरे चल रहे थे, मैं रिश्तेदारी निभा रहा था।’ लेकिन मेरे साथ धोखा हुआ।




